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ramayan 7.24.39-40h: वहाँ वीर खर सदैव आपकी आज्ञा का पालन करेगा और इच्छानुसार कोई भी रूप धारण करने वाला दैत्यों का स्वामी होगा।’ ॥39॥   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.24.39-40h 
तत्र ते वचनं शूर: करिष्यति सदा खर:॥ ३९॥
रक्षसां कामरूपाणां प्रभुरेष भविष्यति।
 
 
अनुवाद
वहाँ वीर खर सदैव आपकी आज्ञा का पालन करेगा और इच्छानुसार कोई भी रूप धारण करने वाला दैत्यों का स्वामी होगा।’ ॥39॥
 
There the valiant Khara will always obey your commands and will be the lord of the demons who can assume any form at will.' ॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)