Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.24.38-39h: यह वीर पुरुष शीघ्र ही दण्डकारण्य की रक्षा के लिए (मेरी अनुमति से) जाएगा; महाबली दूषण उसका सेनापति होगा। 38 1/2   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  7.24.38-39h 
शीघ्रं गच्छत्वयं वीरो दण्डकान् परिरक्षितुम्॥ ३८॥
दूषणोऽस्य बलाध्यक्षो भविष्यति महाबल:।
 
 
अनुवाद
यह वीर पुरुष शीघ्र ही दण्डकारण्य की रक्षा के लिए (मेरी अनुमति से) जाएगा; महाबली दूषण उसका सेनापति होगा। 38 1/2
 
This brave man will soon go to protect Dandakaranya (with my permission); the mighty Dushan will be his commander. 38 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)