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ramayan 7.24.3: इस प्रकार उन्होंने नागों, दैत्यों, असुरों, मनुष्यों, यक्षों और राक्षसों की अनेक कन्याओं को परास्त करके अपने विमान पर ले लिया।   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.24.3 
एवं पन्नगकन्याश्च राक्षसासुरमानुषी:।
यक्षदानवकन्याश्च विमाने सोऽध्यरोपयत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार उन्होंने नागों, दैत्यों, असुरों, मनुष्यों, यक्षों और राक्षसों की अनेक कन्याओं को परास्त करके अपने विमान पर ले लिया।
 
In this manner, he defeated many daughters of serpents, devils, asuras, humans, yakshas and demons and took them on his plane.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)