श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.24.26-27h 
सा बाष्पपरिरुद्धाक्षी रक्ताक्षी वाक्यमब्रवीत्॥ २६॥
कृतास्मि विधवा राजंस्त्वया बलवता बलात्।
 
 
अनुवाद
शूर्पणखा की आँखें आँसुओं से भर आईं, रोने के कारण उसकी आँखें लाल हो गई थीं। वह बोली - 'राजन्! आप शक्तिशाली हैं, तभी तो आपने मुझे बलपूर्वक विधवा बना दिया है?॥26 1/2॥
 
Shurpanakha's eyes were filled with tears, her eyes had become red due to crying. She said - 'King! You are powerful, that is why you have made me a widow by force?॥ 26 1/2॥
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