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ramayan 7.24.24-25h: इसी समय रावण की बहन शूर्पणखा, जो एक भयंकर राक्षसी थी और इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती थी, अचानक उसके सामने प्रकट हुई और भूमि पर गिर पड़ी।   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  7.24.24-25h 
एतस्मिन्नन्तरे घोरा राक्षसी कामरूपिणी॥ २४॥
सहसा पतिता भूमौ भगिनी रावणस्य सा।
 
 
अनुवाद
इसी समय रावण की बहन शूर्पणखा, जो एक भयंकर राक्षसी थी और इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती थी, अचानक उसके सामने प्रकट हुई और भूमि पर गिर पड़ी।
 
At this very moment, Ravana's sister, Surpanakha, a fierce demoness who could assume any form at will, suddenly appeared before Him and fell on the ground. 24 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)