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ramayan 7.24.23-24h: इस प्रकार उनका विलाप सुनकर राक्षसराज रावण ने निशाचर प्राणियों से आशीर्वाद पाकर लंकापुरी में प्रवेश किया ॥23 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  7.24.23-24h 
एवं विलपितं तासां शृण्वन् राक्षसपुङ्गव:॥ २३॥
प्रविवेश पुरीं लङ्कां पूज्यमानो निशाचरै:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार उनका विलाप सुनकर राक्षसराज रावण ने निशाचर प्राणियों से आशीर्वाद पाकर लंकापुरी में प्रवेश किया ॥23 1/2॥
 
Thus, listening to their lamentation, the demon king Ravana entered Lankapuri after being blessed by the nocturnal beings. 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)