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ramayan 7.24.22-23h: पतिव्रता एवं पतिव्रता स्त्रियों द्वारा दिए गए इस शाप के कारण रावण का बल क्षीण हो गया, वह दुर्बल हो गया और उसका मन अशांत हो गया।   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  7.24.22-23h 
शप्त: स्त्रीभि: स तु समं हतौजा इव निष्प्रभ:॥ २२॥
पतिव्रताभि: साध्वीभिर्बभूव विमना इव।
 
 
अनुवाद
पतिव्रता एवं पतिव्रता स्त्रियों द्वारा दिए गए इस शाप के कारण रावण का बल क्षीण हो गया, वह दुर्बल हो गया और उसका मन अशांत हो गया।
 
Due to this curse given by the devoted and chaste women, Ravana's strength diminished, he became weak and his mind became restless. 22 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)