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ramayan 7.24.21-22h: जब उन महान पतिव्रता और पतिव्रता स्त्रियों ने ये शब्द कहे, तब आकाश में देवताओं के नगाड़े बजने लगे और वहाँ पुष्पों की वर्षा होने लगी।   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  7.24.21-22h 
सतीभिर्वरनारीभिरेवं वाक्येऽभ्युदीरिते॥ २१॥
नेदुर्दुन्दुभय: खस्था: पुष्पवृष्टि: पपात च।
 
 
अनुवाद
जब उन महान पतिव्रता और पतिव्रता स्त्रियों ने ये शब्द कहे, तब आकाश में देवताओं के नगाड़े बजने लगे और वहाँ पुष्पों की वर्षा होने लगी।
 
When those great chaste and virtuous women said these words, the drums of the gods started sounding in the sky and flowers started raining there. 21/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)