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ramayan 7.24.20-21h: यह नीच रात्रिचर प्राणी पराई स्त्रियों का संग करता है, अतः स्त्री के कारण ही यह दुष्टात्मा राक्षस मारा जाएगा।'   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  7.24.20-21h 
यस्मादेष परक्यासु रमते राक्षसाधम:॥ २०॥
तस्माद् वै स्त्रीकृतेनैव वधं प्राप्स्यति दुर्मति:।
 
 
अनुवाद
यह नीच रात्रिचर प्राणी पराई स्त्रियों का संग करता है, अतः स्त्री के कारण ही यह दुष्टात्मा राक्षस मारा जाएगा।'
 
This vile night creature enjoys the company of other people's women, therefore, because of a woman only this evil-minded demon will be killed.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)