Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.24.19-20h: इस दुष्टात्मा का पराक्रम तो पूर्णतः उसके तप के अनुरूप है, किन्तु पराई स्त्रियों के साथ जो दुष्कर्म यह कर रहा है, वह इसके योग्य कदापि नहीं है। | ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस दुष्टात्मा का पराक्रम तो पूर्णतः उसके तप के अनुरूप है, किन्तु पराई स्त्रियों के साथ जो दुष्कर्म यह कर रहा है, वह इसके योग्य कदापि नहीं है।
The valour of this evil soul is completely in accordance with his penance, but the evil act he is committing on other's women is not worthy of him at all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥