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ramayan 7.24.12-13h: वे स्त्रियाँ अपनी माता, पिता, भाई और पतियों को याद करके दुःख और शोक में डूब जातीं और मिलकर करुण विलाप करने लगतीं॥12 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 24: रावण द्वारा अपहृत हुई देवता आदि की कन्याओं और स्त्रियों का विलाप एवं शाप, रावण का रोती हुई शूर्पणखा को आश्वासन देना और उसे खर के साथ दण्डकारण्य में भेजना  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  7.24.12-13h 
इति मातॄ: पितॄन् स्मृत्वा भर्तॄन् भ्रातॄंस्तथैव च॥ १२॥
दु:खशोकसमाविष्टा विलेपु: सहिता: स्त्रिय:।
 
 
अनुवाद
वे स्त्रियाँ अपनी माता, पिता, भाई और पतियों को याद करके दुःख और शोक में डूब जातीं और मिलकर करुण विलाप करने लगतीं॥12 1/2॥
 
Those women, remembering their mothers, fathers, brothers and husbands, would be drowned in sorrow and grief and would start to lament pitifully together.॥ 12 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)