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वह जिस मार्ग से आया था उसी मार्ग से वापस लौटा और आकाश मार्ग से लंका की ओर बढ़ा।
He returned by the same route by which he had come and proceeded towards Lanka through the sky route.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे त्रयोविंश: सर्ग: ॥ २ ३॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें तेईसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ २ ३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥