श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  7.23.50 
तानब्रवीत् ततो रक्षो वरुणाय निवेद्यताम्।
रावणं त्वब्रवीन्मन्त्री प्रहासो नाम वारुण:॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राक्षस ने वरुण के सेवकों से कहा - ‘अब जाकर वरुण से कहो कि वह युद्ध के लिए आये।’ तब वरुण के मंत्री प्रभास ने रावण से कहा -॥50॥
 
After that the demon said to Varun's servants - 'Now go and tell Varun to come for the war.' Then Varun's minister Prabhas said to Ravana -॥ 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)