Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.23.48: वह रात्रि का प्राणी पुनः जोर से गर्जना करता हुआ नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से वरुण के पुत्रों का संहार करने लगा, मानो कोई मेघ अपनी मूसलाधार वर्षा से वृक्षों को पीड़ित कर रहा हो ॥48॥ | ramayan सर्ग 7.23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह रात्रि का प्राणी पुनः जोर से गर्जना करता हुआ नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से वरुण के पुत्रों का संहार करने लगा, मानो कोई मेघ अपनी मूसलाधार वर्षा से वृक्षों को पीड़ित कर रहा हो ॥48॥
Roaring loudly, the night creature once again began to slay the sons of Varuna with various kinds of weapons, as if a cloud were tormenting the trees with its torrential rain. ॥ 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥