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ramayan 7.23.47: वरुण के पुत्रों को दुःखी और व्यथित देखकर महाबली रावण बड़े मेघ के समान हर्ष से गर्जना करने लगा।   |   ramayan सर्ग 7.23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.23.47 
सीदमानान् सुतान् दृष्ट्वा विह्वलान् स महाबल:।
ननाद रावणो हर्षान्महानम्बुधरो यथा॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
वरुण के पुत्रों को दुःखी और व्यथित देखकर महाबली रावण बड़े मेघ के समान हर्ष से गर्जना करने लगा।
 
Seeing Varuna's sons sad and distressed, the mighty Ravana began to roar with joy like a great cloud. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)