Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.23.42: फिर वह अत्यन्त कुपित होकर रावण को धनुष से छूटे हुए वज्र के समान भयंकर बाणों से घायल करने लगा, मानो बादल विशाल पर्वत पर जल की धारा बरसा रहे हों। | ramayan सर्ग 7.23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर वह अत्यन्त कुपित होकर रावण को धनुष से छूटे हुए वज्र के समान भयंकर बाणों से घायल करने लगा, मानो बादल विशाल पर्वत पर जल की धारा बरसा रहे हों।
Then, becoming very furious, he began to pierce Ravana with terrible arrows, like thunderbolts shot from his bow, like clouds pouring down a torrent of water on a huge mountain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥