Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.23.38: वरुण के पुत्रों के योद्धाओं और घोड़ों को मारकर और उन्हें रथहीन देखकर महोदर ने तुरन्त जोर से गर्जना शुरू कर दी। 38.   |   ramayan सर्ग 7.23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.23.38 
तेषां वरुणसूनूनां हत्वा योधान् हयांश्च तान्।
मुमोचाशु महानादं विरथान् प्रेक्ष्य तान् स्थितान्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
वरुण के पुत्रों के योद्धाओं और घोड़ों को मारकर और उन्हें रथहीन देखकर महोदर ने तुरन्त जोर से गर्जना शुरू कर दी। 38.
 
Having killed the warriors and horses of the sons of Varuna and seeing them chariotless, Mahodara immediately began to roar loudly. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)