श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.23.12 
नह्ययं रावणो युद्धे शक्यो जेतुं सुरासुरै:।
न भवन्त: क्षयं नेतुमपि सामरदानवै:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
हे दैत्यों! यदि समस्त देवता और दैत्य एक साथ आ जाएँ, तो भी वे युद्ध में रावण को नहीं हरा सकते। इसी प्रकार यदि समस्त देवता और दैत्य एक साथ आक्रमण भी करें, तो भी वे तुम सबको नहीं मार सकते॥12॥
 
‘Demons! Even if all the gods and demons come together, they cannot defeat Ravana in battle. Similarly, even if all the gods and demons attack together, they cannot kill you all.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)