Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.22.9: वे घोड़े इन्द्र के समान तेजस्वी और मन के समान तीव्रगामी थे, और क्षण भर में यमराज को उस स्थान पर ले गये जहाँ युद्ध हो रहा था।   |   ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.22.9 
मुहूर्तेन यमं ते तु हया हरिहयोपमा:।
प्रापयन् मनसस्तुल्या यत्र तत् प्रस्तुतं रणम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वे घोड़े इन्द्र के समान तेजस्वी और मन के समान तीव्रगामी थे, और क्षण भर में यमराज को उस स्थान पर ले गये जहाँ युद्ध हो रहा था।
 
Those horses, as brilliant as those of Indra and as swift as the mind, took Yamaraja to the place where the battle was going on in a moment.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)