vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान
»
श्लोक 7
श्लोक
7.22.7
ततो लोकत्रयं क्षुब्धमकम्पन्त दिवौकस:।
कालं दृष्ट्वा तथा क्रुद्धं सर्वलोकभयावहम्॥ ७॥
अनुवाद
समस्त लोकों को भय देने वाले क्रोधित काल को देखकर तीनों लोकों में हाहाकार मच गया। समस्त देवता काँप उठे॥7॥
Seeing the angry Kaal, who gives fear to all the worlds, there was a commotion in all the three worlds. All the gods trembled. 7॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas