श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.22.46 
तन्निवर्तय लङ्केशाद् दण्डमेतं समुद्यतम्।
सत्यं च मां कुरुष्वाद्य लोकांस्त्वं यद्यवेक्षसे॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
अतः कृपा करके आप अपने हाथ में जो यह मृत्युरूपी दण्ड पकड़े हुए हैं, उसे लंकापति रावण से दूर कर दीजिए। यदि आपकी दृष्टि समस्त लोकों पर है, तो आज ही रावण का उद्धार करके मुझे सत्यवादी बना दीजिए।॥46॥
 
‘Therefore, please remove this stick of death that you are holding in your hand from Ravana, the king of Lanka. If you have an eye on all the worlds, then save Ravana today and make me truthful.’॥ 46॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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