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श्लोक 7.22.38  |
तस्मिन् प्रहर्तुकामे तु यमे दण्डेन रावणम्।
यमं पितामह: साक्षाद् दर्शयित्वेदमब्रवीत्॥ ३८॥ |
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| अनुवाद |
| यमराज उस दण्ड से रावण पर प्रहार करने ही वाले थे कि स्वयं ब्रह्माजी वहाँ आ पहुँचे और दर्शन देकर यह कहा -॥38॥ |
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| Yamraj was about to attack Ravana with that stick when Lord Brahma himself arrived there. He gave darshan and said this -॥ 38॥ |
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