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ramayan 7.22.38: यमराज उस दण्ड से रावण पर प्रहार करने ही वाले थे कि स्वयं ब्रह्माजी वहाँ आ पहुँचे और दर्शन देकर यह कहा -॥38॥   |   ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.22.38 
तस्मिन् प्रहर्तुकामे तु यमे दण्डेन रावणम्।
यमं पितामह: साक्षाद् दर्शयित्वेदमब्रवीत्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
यमराज उस दण्ड से रावण पर प्रहार करने ही वाले थे कि स्वयं ब्रह्माजी वहाँ आ पहुँचे और दर्शन देकर यह कहा -॥38॥
 
Yamraj was about to attack Ravana with that stick when Lord Brahma himself arrived there. He gave darshan and said this -॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)