श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.22.32 
तस्यैवं वचनं श्रुत्वा धर्मराज: प्रतापवान्।
अब्रवीत् तत्र तं मृत्युं त्वं तिष्ठैनं निहन्म्यहम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
मृत्यु की यह बात सुनकर महाबली धर्मराज ने उससे कहा - 'तुम ठहरो, मैं उसे मार डालूँगा।'
 
Hearing this talk of death, the mighty Dharamraj said to him - 'You wait, I will kill him.'
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas