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श्लोक 7.22.3  |
तस्य सूतस्तदा दिव्यमुपस्थाप्य महारथम्।
स्थित: स च महातेजा अध्यारोहत तं रथम्॥ ३॥ |
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| अनुवाद |
| तब उनका सारथी तुरन्त एक विशाल एवं दिव्य रथ लेकर वहाँ आया और उनके सामने विनम्रतापूर्वक खड़ा हो गया। तब महाबली यमराज उस रथ पर सवार हुए। |
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| Then his charioteer immediately brought a huge and divine chariot there and stood humbly in front of him. Then the mighty god Yama mounted the chariot. |
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