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ramayan 7.22.21: उसने चार बाणों से मृत्यु को और सात बाणों से यमराज के सारथि को घायल कर दिया। फिर एक के बाद एक एक लाख बाणों से यमराज के प्राणों को घायल कर दिया। ॥ 21॥   |   ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.22.21 
मृत्युं चतुर्भिर्विशिखै: सूतं सप्तभिरार्दयत्।
यमं शतसहस्रेण शीघ्रं मर्मस्वताडयत्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
उसने चार बाणों से मृत्यु को और सात बाणों से यमराज के सारथि को घायल कर दिया। फिर एक के बाद एक एक लाख बाणों से यमराज के प्राणों को घायल कर दिया। ॥ 21॥
 
He injured Mrityu with four arrows and Yama's charioteer with seven arrows. Then he injured Yamaraj's vital organs by shooting a lakh of arrows in quick succession. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)