Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.22.2: 'मेरे योद्धा मारे गए हैं' यह जानकर यमराज के नेत्र क्रोध से लाल हो गए और उन्होंने अधीर भाव से सारथि से कहा, 'मेरा रथ लौटा लाओ।'॥2॥ | ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि योधान् हतान् मत्वा क्रोधसंरक्तलोचन:।
अब्रवीत् त्वरित: सूतं रथो मे उपनीयताम्॥ २॥
अनुवाद
'मेरे योद्धा मारे गए हैं' यह जानकर यमराज के नेत्र क्रोध से लाल हो गए और उन्होंने अधीर भाव से सारथि से कहा, 'मेरा रथ लौटा लाओ।'॥2॥
Knowing that 'my warriors have been killed', Yamaraja's eyes became red with anger and he said to the charioteer in an impatient manner, 'Bring my chariot back.'॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥