श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.22.19 
संवर्त इव लोकानां युध्यतोरभवत् तदा।
राक्षसानां च मुख्यस्य प्रेतानामीश्वरस्य च॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उस समय जब दैत्यों के राजा रावण और भूतों के राजा यमराज आपस में युद्ध कर रहे थे, तब ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समस्त लोकों का विनाश होने का समय आ गया हो ॥19॥
 
At that time, when the king of demons Ravana and the king of ghosts Yama were engaged in a war, it seemed as if the time of destruction of all the worlds had arrived. ॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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