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ramayan 7.22.13: यमराज ने अत्यन्त क्रोध में भरकर रावण के पास जाकर अपने भालों और तोमरों से उस पर आक्रमण किया और उसके नासिका स्थानों को छेद डाला॥13॥   |   ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.22.13 
स तु रावणमासाद्य व्यसृजच्छक्तितोमरान्।
यमो मर्माणि संक्रुद्धो रावणस्य न्यकृन्तत॥ १३॥
 
 
अनुवाद
यमराज ने अत्यन्त क्रोध में भरकर रावण के पास जाकर अपने भालों और तोमरों से उस पर आक्रमण किया और उसके नासिका स्थानों को छेद डाला॥13॥
 
Yamaraja, filled with great anger, went to Ravana and attacked him with his spears and tomaras and pierced his vital spots.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)