श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.22.10 
दृष्ट्वा तथैव विकृतं रथं मृत्युसमन्वितम्।
सचिवा राक्षसेन्द्रस्य सहसा विप्रदुद्रुवु:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
मृत्युदेवता सहित उस विशाल रथ को देखकर दैत्यराज के सचिव सहसा वहाँ से भाग गए ॥10॥
 
Seeing that huge chariot accompanied by the God of Death, the secretaries of the King of Demons suddenly fled from there. ॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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