Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.21.46: तत्पश्चात् वह भयानक और शक्तिशाली राक्षस अपने मंत्रियों के साथ जोर-जोर से दहाड़ने लगा, मानो पृथ्वी को हिला रहा हो।   |   ramayan सर्ग 7.21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.21.46 
ततस्तु सचिवै: सार्धं राक्षसो भीमविक्रम:।
ननाद सुमहानादं कम्पयन्निव मेदिनीम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वह भयानक और शक्तिशाली राक्षस अपने मंत्रियों के साथ जोर-जोर से दहाड़ने लगा, मानो पृथ्वी को हिला रहा हो।
 
Thereafter, that terrifying and powerful demon accompanied by his ministers began roaring loudly, as if shaking the earth.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे एकविंश: सर्ग: ॥ २ १॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें इक्कीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ २ १॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)