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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.21.38 
परिवार्य च तं सर्वे शैलं मेघोत्करा इव।
भिन्दिपालैश्च शूलैश्च निरुछ्वासमपोथयन्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
जैसे बादल चारों ओर से पर्वत पर जल की धाराएँ बरसाते हैं, उसी प्रकार यमराज के सभी सैनिक रावण को चारों ओर से घेरकर भालों और बर्छियों से उसे छेदने लगे। उन्होंने उसे साँस लेने का भी समय नहीं दिया। 38.
 
Just as the clouds pour streams of water on the mountain from all sides, in the same way all the soldiers of Yamraj surrounded Ravana from all sides and started piercing him with spears and lances. They did not even give him time to breathe. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)