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ramayan 7.21.37: उन सैनिकों ने सैकड़ों-हजारों की संख्या में एकत्र होकर उसके समस्त अस्त्र-शस्त्र नष्ट कर दिए, उसके द्वारा छोड़े गए दिव्यास्त्रों को रोक दिया और अकेले ही उस भयंकर राक्षस का वध करने लगे ॥37॥   |   ramayan सर्ग 7.21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  7.21.37 
तांस्तु सर्वान् विनिर्भिद्य तदस्त्रमपहत्य च।
जघ्नुस्ते राक्षसं घोरमेकं शतसहस्रश:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
उन सैनिकों ने सैकड़ों-हजारों की संख्या में एकत्र होकर उसके समस्त अस्त्र-शस्त्र नष्ट कर दिए, उसके द्वारा छोड़े गए दिव्यास्त्रों को रोक दिया और अकेले ही उस भयंकर राक्षस का वध करने लगे ॥37॥
 
Those soldiers, gathering in hundreds and thousands, destroyed all his weapons, warded off the divine weapons fired by him and began killing that fierce demon alone. ॥ 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)