श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.21.35 
स तु शूलगदाप्रासाञ्छक्तितोमरसायकान्।
मुसलानि शिलावृक्षान् मुमोचास्त्रबलाद् बली॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली रावण अपने अस्त्र-शस्त्रों के बल से यमराज के सैनिकों पर फरसा, गदा, भाला, शक्ति, तोमर, बाण, मूसल, पत्थर और वृक्षों की वर्षा करने लगा॥35॥
 
Then the mighty Ravana, with the power of his weapons, started showering flail, mace, spear, power, tomar, arrows, pestle, stones and trees on the soldiers of Yamraj. 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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