Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.21.29-30: जब यम के दूतों ने आक्रमण किया, तब रावण के उस वीर मंत्री और राजा दशग्रीव ने स्वयं यमलोक के वृक्षों, पर्वत शिखरों और सैकड़ों महलों को उखाड़ फेंका और अपनी पूरी शक्ति लगाकर उनकी इच्छानुसार युद्ध करने लगे। | ramayan सर्ग 7.21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो वृक्षैश्च शैलैश्च प्रासादानां शतैस्तथा॥ २९॥
ततस्ते सचिवास्तस्य यथाकामं यथाबलम्।
अयुध्यन्त महावीरा: स च राजा दशानन:॥ ३०॥
अनुवाद
जब यम के दूतों ने आक्रमण किया, तब रावण के उस वीर मंत्री और राजा दशग्रीव ने स्वयं यमलोक के वृक्षों, पर्वत शिखरों और सैकड़ों महलों को उखाड़ फेंका और अपनी पूरी शक्ति लगाकर उनकी इच्छानुसार युद्ध करने लगे।
When the messengers of Yama attacked, that valiant minister of Ravana and King Dashagriva himself uprooted trees, mountain peaks and hundreds of palaces of Yamaloka and started fighting as per their wish using all their might.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥