vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार
»
श्लोक 24-25h
श्लोक
7.21.24-25h
ततो हलहलाशब्द: सर्वदिग्भ्य: समुत्थित:॥ २४॥
धर्मराजस्य योधानां शूराणां सम्प्रधावताम्।
अनुवाद
तत्पश्चात् धर्मराज के वीर योद्धाओं का महान् कोलाहल चारों ओर से आक्रमण करने लगा।
Then there was a great uproar of the valiant warriors of Dharmaraja attacking from all directions. 24 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×