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अपश्यत् स यमं तत्र देवमग्निपुरस्कृतम्।
विधानमनुतिष्ठन्तं प्राणिनो यस्य यादृशम्॥ २॥
अनुवाद
वहां जाकर उसने देखा कि यम देवता उसके सामने अग्नि को साक्षी मानकर बैठे हैं और प्रत्येक व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देने की व्यवस्था कर रहे हैं।
Going there he saw that the god Yama was sitting with fire as a witness in front of him and was making arrangements to give results according to the deeds of each person.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥