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ramayan 7.21.18: उधर रावण ने देखा कि कुछ पुण्यात्मा लोग अपने पुण्य कर्मों के प्रभाव से उत्तम घरों में रहकर संगीत और वाद्यों की सुन्दर ध्वनि का आनन्द ले रहे हैं॥18॥   |   ramayan सर्ग 7.21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 21: रावण का यमलोक पर आक्रमण और उसके द्वारा यमराज के सैनिकों का संहार  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.21.18 
कांश्चिच्च गृहमुख्येषु गीतवादित्रनि:स्वनै:।
प्रमोदमानानद्राक्षीद् रावण: सुकृतै: स्वकै:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
उधर रावण ने देखा कि कुछ पुण्यात्मा लोग अपने पुण्य कर्मों के प्रभाव से उत्तम घरों में रहकर संगीत और वाद्यों की सुन्दर ध्वनि का आनन्द ले रहे हैं॥18॥
 
On the other hand, Ravana saw that some pious souls, due to the effect of their good deeds, were living in good houses and enjoying the beautiful sounds of music and musical instruments.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)