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ramayan 7.20.5: भगवान विष्णु ने अनेक युद्ध करके राक्षसों का नाश करके मुझे समान रूप से संतुष्ट किया है और तुमने गन्धर्वों और नागों से युद्ध करके उन्हें रौंद डाला है।॥5॥   |   ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.20.5 
विष्णुना दैत्यघातैश्च गन्धर्वोरगधर्षणै:।
त्वया समं विमर्दैश्च भृशं हि परितोषित:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
भगवान विष्णु ने अनेक युद्ध करके राक्षसों का नाश करके मुझे समान रूप से संतुष्ट किया है और तुमने गन्धर्वों और नागों से युद्ध करके उन्हें रौंद डाला है।॥5॥
 
Lord Vishnu has satisfied me equally by fighting many battles that destroyed the demons, and by fighting the Gandharvas and the serpents, you have trampled them. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)