Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.20.27-28h: उनके चले जाने पर धूमरहित अग्नि के समान तेजस्वी महाब्राह्मण नारद दो घड़ी तक ध्यान में लीन रहे और इस प्रकार विचार करने लगे - ॥27 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके चले जाने पर धूमरहित अग्नि के समान तेजस्वी महाब्राह्मण नारद दो घड़ी तक ध्यान में लीन रहे और इस प्रकार विचार करने लगे - ॥27 1/2॥
After his departure, the great Brahmin Narada, who was as radiant as a smokeless fire, went into deep meditation for two hours and started thinking as follows - ॥27 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥