Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.20.22-23h: नारदजी की यह बात सुनकर दसमुख वाले रावण ने शरद ऋतु के मेघ के समान अपनी उज्ज्वल मुस्कान बिखेरते हुए कहा, ‘हे मुनि! मैंने आपकी बात मान ली।’ इसके बाद उसने यह कहा-॥22 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारदजी की यह बात सुनकर दसमुख वाले रावण ने शरद ऋतु के मेघ के समान अपनी उज्ज्वल मुस्कान बिखेरते हुए कहा, ‘हे मुनि! मैंने आपकी बात मान ली।’ इसके बाद उसने यह कहा-॥22 1/2॥
On hearing this from Narada, the ten-faced Ravana, spreading his bright smile like an autumn cloud, said, 'O sage! I have accepted your words.' After this he said this -॥22 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥