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ramayan 7.20.2: रात्रिकालीन राक्षस दशग्रीव ने उनका स्वागत किया और उनका कुशलक्षेम पूछा तथा उनके आगमन का कारण पूछा।   |   ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.20.2 
तस्याभिवादनं कृत्वा दशग्रीवो निशाचर:।
अब्रवीत् कुशलं पृष्ट्वा हेतुमागमनस्य च॥ २॥
 
 
अनुवाद
रात्रिकालीन राक्षस दशग्रीव ने उनका स्वागत किया और उनका कुशलक्षेम पूछा तथा उनके आगमन का कारण पूछा।
 
The night-time demon Dashagriva greeted him and inquired about his well-being and asked the reason for his arrival.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)