Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.20.18-19h: महर्षि! आप देवताओं और गन्धर्वों के लोक में विचरण करने जा रहे हैं। आपको युद्ध के दृश्य देखना अच्छा लगता है। इस समय मैं दिग्विजय के लिए पाताल लोक जाने को तैयार हूँ। | ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महर्षि! आप देवताओं और गन्धर्वों के लोक में विचरण करने जा रहे हैं। आपको युद्ध के दृश्य देखना अच्छा लगता है। इस समय मैं दिग्विजय के लिए पाताल लोक जाने को तैयार हूँ।
‘Maharshi! You are going to roam in the world of gods and Gandharvas. You like to watch the scenes of war. At this time I am ready to go to the underworld for victory over Digvijay. 18 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥