Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.20.15: जो मनुष्य मोह (अज्ञान) के कारण परमगति से वंचित हो गए हैं, उन्हें दुःख पहुँचाने से तुम्हें क्या लाभ होगा? हे सौम्य! तुमने निश्चय ही मनुष्यों पर विजय प्राप्त कर ली है, इसमें संशय नहीं है॥15॥ | ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य मोह (अज्ञान) के कारण परमगति से वंचित हो गए हैं, उन्हें दुःख पहुँचाने से तुम्हें क्या लाभ होगा? हे सौम्य! तुमने निश्चय ही मनुष्यों पर विजय प्राप्त कर ली है, इसमें संशय नहीं है॥15॥
‘What will you gain by causing pain to such human beings who have been deprived of the ultimate goal due to delusion (ignorance)? O Saumya! You have certainly conquered the human beings, there is no doubt about it.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥