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ramayan 7.20.13: यहाँ कुछ लोग आनंदित होकर बाजे और नृत्य आदि का आनन्द लेते हैं; और कहीं कुछ लोग दुःख से पीड़ित होकर रोते रहते हैं और आँखों से आँसू बहाते रहते हैं॥13॥   |   ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.20.13 
क्वचिद् वादित्रनृत्यादि सेव्यते मुदितैर्जनै:।
रुद्यते चापरैरार्तैर्धाराश्रुनयनाननै:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
यहाँ कुछ लोग आनंदित होकर बाजे और नृत्य आदि का आनन्द लेते हैं; और कहीं कुछ लोग दुःख से पीड़ित होकर रोते रहते हैं और आँखों से आँसू बहाते रहते हैं॥13॥
 
Here some people, in a state of bliss, enjoy musical instruments and dances etc. to amuse themselves with them; whereas elsewhere some people, afflicted with sorrow, keep weeping, shedding tears from their eyes.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)