Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.20.11: यह संसार भूख, प्यास और बुढ़ापे के कारण पहले से ही दुर्बल हो रहा है, तथा दुःख और शोक में डूबकर अपनी विवेक शक्ति खो बैठा है। देवताओं से पीड़ित इस नश्वर संसार का विनाश मत करो॥ 11॥ | ramayan सर्ग 7.20: नारदजी का रावण को समझाना, उनके कहने से रावण का युद्ध के लिये यमलोक को जाना तथा नारदजी का इस युद्ध के विषयमें विचार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह संसार भूख, प्यास और बुढ़ापे के कारण पहले से ही दुर्बल हो रहा है, तथा दुःख और शोक में डूबकर अपनी विवेक शक्ति खो बैठा है। देवताओं से पीड़ित इस नश्वर संसार का विनाश मत करो॥ 11॥
‘This world is already weakening due to hunger, thirst and old age, and has lost its power of discrimination by drowning in sorrow and grief. Do not destroy this mortal world, which has been afflicted by the gods.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥