Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.2.32-33: 'जब उसके पति ने प्रसन्नचित्त होकर ऐसा कहा, तब देवी ने प्रसन्नतापूर्वक कुछ ही समय में विश्रवा नामक एक पुत्र को जन्म दिया। वह अपने यश और पुण्य के कारण तीनों लोकों में विख्यात हुआ। | ramayan सर्ग 7.2: महर्षि अगस्त्य के द्वारा पुलस्त्य के गुण और तपस्या का वर्णन तथा उनसे विश्रवा मुनि की उत्पत्ति का कथन । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जब उसके पति ने प्रसन्नचित्त होकर ऐसा कहा, तब देवी ने प्रसन्नतापूर्वक कुछ ही समय में विश्रवा नामक एक पुत्र को जन्म दिया। वह अपने यश और पुण्य के कारण तीनों लोकों में विख्यात हुआ।
‘When her husband said this in a happy mood, the goddess very happily gave birth to a son named Vishrava in a short time. He became famous in all the three worlds because of his fame and virtue.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥