श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.19.32 
तत: स राजा राजेन्द्र गत: स्थानं त्रिविष्टपम्।
स्वर्गते च नृपे तस्मिन् राक्षस: सोऽपसर्पत॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
हे राजाओं के राजा श्री राम! तत्पश्चात राजा अनरण्य स्वर्गलोक को चले गए। उनके स्वर्गलोक चले जाने पर राक्षस रावण वहाँ से चला गया॥32॥
 
O King of kings, Shri Ram! Thereafter, King Anaranya went to heaven. After he had gone to heaven, the demon Ravana went away from there. ॥ 32॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे एकोनविंश: सर्ग: ॥ १ ९॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें उन्नीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ ९॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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