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ramayan 7.19.31: राजा के शाप देते ही देवताओं के नगाड़े बादलों के समान गम्भीर बजने लगे और आकाश से पुष्पों की वर्षा होने लगी ॥31॥   |   ramayan सर्ग 7.19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.19.31 
ततो जलधरोदग्रस्ताडितो देवदुन्दुभि:।
तस्मिन्नुदाहृते शापे पुष्पवृष्टिश्च खाच्च्युता॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
राजा के शाप देते ही देवताओं के नगाड़े बादलों के समान गम्भीर बजने लगे और आकाश से पुष्पों की वर्षा होने लगी ॥31॥
 
As soon as the king cursed them, the drums of the gods started sounding as deep as the clouds and flowers began to rain down from the sky. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)