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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति
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श्लोक 30
श्लोक
7.19.30
उत्पत्स्यते कुले ह्यस्मिन्निक्ष्वाकूणां महात्मनाम्।
रामो दाशरथिर्नाम स ते प्राणान् हरिष्यति॥ ३०॥
अनुवाद
महात्मा, इक्ष्वाकु वंश के राजाओं के इसी वंश में दशरथनन्दन श्री राम प्रकट होंगे, जो आपके प्राण हर लेंगे।'
Mahatma, in this lineage of the kings of the Ikshvaku dynasty, Dasharathanandan Shri Ram will appear, who will take away your life.'
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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