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ramayan 7.19.24: यह देखकर रावण जोर से हँसा और इक्ष्वाकुवंश के राजा से बोला, 'अब मुझसे युद्ध करके तुम्हें क्या लाभ हुआ?॥ 24॥   |   ramayan सर्ग 7.19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.19.24 
तं प्रहस्याब्रवीद् रक्ष इक्ष्वाकुं पृथिवीपतिम्।
किमिदानीं फलं प्राप्तं त्वया मां प्रति युध्यता॥ २४॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर रावण जोर से हँसा और इक्ष्वाकुवंश के राजा से बोला, 'अब मुझसे युद्ध करके तुम्हें क्या लाभ हुआ?॥ 24॥
 
Seeing this, Ravana laughed out loud and said to the king of the Ikshvaku dynasty, 'What have you gained by fighting with me now?॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)